
हल्द्वानी में सांप्रदायिक तनाव की चिंगारी—गोवंश अवशेष मिलने के बाद बवाल, रेस्टोरेंट में तोड़फोड़, 40 पर FIR
CCTV में कुत्ता अवशेष लेकर आता दिखा—इंस्पेक्टर ने कहा: पास के खेत में गाय ने बछड़ा जना था, कुत्ता वहीं से उठा लाया
हल्द्वानी/उत्तराखंड।
हल्द्वानी शहर में बीते दो दिनों से तनाव का माहौल बना हुआ है। एक मंदिर के सामने गोवंश का अवशेष (गाय का सिर) मिलने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और मामला तेजी से सांप्रदायिक रंग ले चुका है। घटना के बाद हिंदू संगठनों की भीड़ भड़क गई और पास के एक मुस्लिम रेस्टोरेंट में तोड़फोड़ कर दी। पुलिस को हालात काबू करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हल्द्वानी शहर में अफवाहों और गुस्से का दौर शुरू हो गया। इसी बीच सामने आए CCTV फुटेज ने पूरे मामले में नया मोड़ ला दिया है।
घटना कैसे शुरू हुई?—कुत्ता अवशेष लेकर मंदिर के पास पहुंचा
दो दिन पहले हल्द्वानी के एक मंदिर के पास अचानक कुत्ते के मुंह में गोवंश का सिर देखकर स्थानीय लोग दहशत में आ गए। कुछ ही मिनटों में भीड़ जमा होने लगी और यह बात फैलते ही लोगों में आक्रोश पैदा हो गया।
हिंदू संगठनों ने इसे “सोची-समझी साजिश” बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
लेकिन पुलिस की जांच में सामने आया कि—
CCTV फुटेज में कुत्ता दिखाई दिया
इंस्पेक्टर सुनील जोशी ने अपनी FIR में दर्ज कराया है कि:
“उस रात पास के बगीचे में एक गाय ने बछड़े को जन्म दिया था। उसी दिशा से एक कुत्ता आता हुआ CCTV फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है। प्राथमिक जांच से लगता है कि कुत्ता वहीं से अवशेष उठा लाया था।”
यह बयान मामले को पूरी तरह नई दिशा देता है।
बवाल कैसे बढ़ा?
जैसे ही अवशेष मिलने की खबर फैली—
- सैकड़ों लोग मौके पर इकट्ठा हो गए
- कुछ उग्र तत्वों ने पास के मुस्लिम रेस्टोरेंट पर हमला कर दिया
- रेस्टोरेंट में जमकर तोड़फोड़
- दुकानदारों में भय
- माहौल तनावपूर्ण
पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा ताकि भीड़ को तितर-बितर किया जा सके।
पुलिस की कार्रवाई—40 लोगों पर FIR, और गिरफ्तारियाँ शुरू
हल्द्वानी पुलिस ने दंगा, हिंसा, और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में 40 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
पुलिस का कहना है कि:
- उपद्रवियों की पहचान वीडियो फुटेज से की जा रही है
- तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी
- अफवाह फैलाने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा
सोशल मीडिया पर चर्चा—लोग पूछ रहे: ‘सच्चाई बाहर आने से पहले तोड़फोड़ क्यों?’
वीडियो वायरल होने के बाद लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि—
- बिना जांच के रेस्टोरेंट क्यों निशाने पर आया?
- जब CCTV में कुत्ता दिख गया है, तब भी भीड़ क्यों उग्र हुई?
- क्या यह किसी के द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश थी?
कुछ लोग इसे “हल्द्वानी को दंगों की आग में झोंकने की कोशिश” बता रहे हैं।
शहर में तनाव, पुलिस अलर्ट पर
तनाव का माहौल देखते हुए:
- पुलिस बल तैनात
- ड्रोन से निगरानी
- रात्रि गश्त बढ़ाई गई
- अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी
प्रशासन की ओर से शांति की अपील भी की गई है।
यह सिर्फ एक घटना नहीं—समाज को बांटने की कोशिश?
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएँ अक्सर—
- सोशल मीडिया अफवाहों
- धार्मिक भावनाओं
- और गलत सूचनाओं
के कारण तेज़ी से भड़क जाती हैं।
अगर पुलिस की शुरुआती जांच सही है, तो यह पूरा बवाल सिर्फ एक कुत्ते द्वारा गलती से उठाए गए अवशेष से शुरू हुआ—लेकिन इसका असर पूरे शहर ने झेला।
रिपोर्ट
अलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
8217554083, सहारनपुर (247001)
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